कभी मुझ् मेँ तुझ् मेँ क़रार् था , अभी दर्मियान् दरार् है
मेरा ऽइश्क़् दफ़्न् है उस् जगह् , जहाँ मेरे दिल् का मज़ार् है
मुझे किस् बहार् से क्या मिला , जो ख़िज़ाँ से हो मझे कुछ् गिलः
मैँ तेरे चमन् का वॊः फूल् हूँ , कोई पंख्ड़ी है न ख़ार् है
वॊः नज़र् जो ढा रही थी सितम् , तो हुआ था मुझ् पॆ तेरा करम्
उस् अदा-ए बे-रुख़ी पर् , सनम् , मेरी हर् ख़्व़ुशी का उधार् है
मेरे हम्-नवा न रुला मुझे ! कि न आँख् से मेरी सैल् उठे
कहीँ घर् ही मेरा जला न दे , जो इन् आँसुओँ मेँ शरार् है
तेरे बज़्म्-ए जौर् मेँ , बे-वफ़ा , न रही हद्-ए सितम्-ओ जफ़ा !
मगर् अब् भी "रौशन्"-ए फ़र्द् का तेरे ऽआशिक़ोँ मेँ शुमार् है
[*] दर्ज्-ए बाला ग़ज़ल् फ़िल्म् "संग्-दिल्" की ग़ज़ल्, "यॆः हवा यॆः रात यॆः चाँद्नी तेरी इक् अदा पॆ निसार् है", की नज़्र् है.
Rejects:
न शराब् हो , न ही जाम् हो , मेरे साक़िया , मेरे दोस्तो
कि तमाम् मह्फ़िल्-ए यार् को मेरी शाऽइरी का ख़ुमार् है
क़रार् = stability; tranquility; agreement.
दर्मियान् = between, in the middle.
दफ़्न् होना = to be buried.
मज़ार् = shrine, tomb, grave.
ख़िज़ाँ = autumn; decay, old age.
चमन् = flower garden.
पंख्ड़ी = petal.
ख़ार् = thorn.
ढाना = to throw down, to bring (upon).
सितम् = tyranny, oppression, injury, violence.
अदा = grace; elegance; manner, carriage; coquetry.
बे-रुख़ी = displeasure.
हम्-नवा = companion, intimate friend.
सैल् (for सैलाब्) = torrent (of water), flood.
शरार् = sparks of fire.
बज़्म् = assembly, banquet.
जौर् = wrong-doing, injustice, oppression, tyranny.
बे-वफ़ा = faithless; ungrateful; ingrate.
जफ़ा = oppression, violence, cruelty, injury, injustice.
फ़र्द् = sole; singular; unique, unequalled.
शुमार् = reckoning, counting.
जाम् = goblet, cup.
साक़ी = cup bearer; (met.) beloved, god.
साक़िया = O cup bearer.
मह्फ़िल् = place of congregation; assembly; dancing party.
ख़ुमार् = intoxication; hangover.
Sunday, 1 October 2006
Thursday, 1 June 2006
ग़ज़ल् ३६
ऐ दोस्त् ! क्योँ मुँह् छिपा रहे हो
पर्दः पॆ पर्दः गिरा रहे हो
फ़िर् नज़्म्-ए उर्दू सुना रहे हो
यऽनी तऽअश्शुक़् जता रहे हो
मऽशूक़ः है मौत् , ता-क़ियामत्
और् ज़िन्दगी से निभा रहे हो
अप्नोँ से ग़फ़्लत् , अदा-ए शिद्दत्
ग़ैरोँ से उल्फ़त् जता रहे हो
अफ़्सोस् ! ऐ हासिल्-ए महब्बत्
यॆः कैसा मंज़र् दिखा रहे हो
वॊः रुत्बः है "साहिबा" तुम्हारा
"रौशन्" के दिल् का ख़ुदा रहे हो
नज़्म् =order; stringing; poetry.
तऽअश्शुक़् = exhibiting love; affection.
तऽअश्शुक़् जताना = to make a show of love or affection.
मऽशूक़ः = beloved, sweet-heart, mistress.
ता-क़ियामत् = to the last day (i.e. until resurrection).
ग़फ़्लत् = neglect, inattention.
शिद्दत् = vehemence, force, violence.
उल्फ़त् = intimacy; affection, friendship.
हासिल् = product, outcome, result; inference; profit; import.
मंज़र् = aspect; view; landscape; spectacle, scene.
रुत्बः = station, standing, honour, rank, degree; distinction.
ख़ुदा = god; lord, master, ruler, owner.
पर्दः पॆ पर्दः गिरा रहे हो
फ़िर् नज़्म्-ए उर्दू सुना रहे हो
यऽनी तऽअश्शुक़् जता रहे हो
मऽशूक़ः है मौत् , ता-क़ियामत्
और् ज़िन्दगी से निभा रहे हो
अप्नोँ से ग़फ़्लत् , अदा-ए शिद्दत्
ग़ैरोँ से उल्फ़त् जता रहे हो
अफ़्सोस् ! ऐ हासिल्-ए महब्बत्
यॆः कैसा मंज़र् दिखा रहे हो
वॊः रुत्बः है "साहिबा" तुम्हारा
"रौशन्" के दिल् का ख़ुदा रहे हो
नज़्म् =order; stringing; poetry.
तऽअश्शुक़् = exhibiting love; affection.
तऽअश्शुक़् जताना = to make a show of love or affection.
मऽशूक़ः = beloved, sweet-heart, mistress.
ता-क़ियामत् = to the last day (i.e. until resurrection).
ग़फ़्लत् = neglect, inattention.
शिद्दत् = vehemence, force, violence.
उल्फ़त् = intimacy; affection, friendship.
हासिल् = product, outcome, result; inference; profit; import.
मंज़र् = aspect; view; landscape; spectacle, scene.
रुत्बः = station, standing, honour, rank, degree; distinction.
ख़ुदा = god; lord, master, ruler, owner.
Tuesday, 1 March 2005
ग़ज़ल् ३५ (नज़्र-ए शॆल्ली)
इक् दिन् तो मेरी जान् सताने के लिए आ
झुठा ही सही , प्यार् जताने के लिए आ
(क़ित्ऽ)
तू मुझ्से ख़फ़ा कब् है ? यॆः सब् कल् की हैँ बातेँ
ऐसी कोई उम्मीद् दिलाने के लिए आ
कब् रिश्तः-ए उम्मीद् हुआ बाऽइस्-ए तस्कीन्
फिर् भी कोई उम्मीद् दिलाने के लिए आ
क्या चीज़् है यॆः ज़ौक़्-ए महब्बत् मैँ बता दूँ
दिल् अप्ना मेरे दिल् से मिलाने के लिए आ
लौटा हूँ तेरी बज़्म् से बा-हाल्-ए शिकस्तः
बस् नाम् को ज़िन्दः हूँ , मिटाने के लिए आ
याँ किस् को ख़बर् थीँ सर्-ए मंज़िल् की बलाएँ
ऐ रॆह्बर्-ए फ़र्ज़ानः , बचाने के लिए आ
दिल् टूट् ही जाए वले "रौशन्" की यॆः ज़िद् है
''आ ! फ़िर् से मुझे छोड़् के जाने के लिए आ'' *
[*] जनाब् ऎह्मद् फ़राज़् साहिब् की ग़ज़ल् "रंजिश् ही सही , दिल् ही दुखाने के लिए आ" की नज़्र्
रिश्तः = thread; connection; relation; affinity.
बाऽइस् = occasion, cause, motive; subject; means (of).
तस्कीन् = calming; consolation, comfort, peace (of mind).
ज़ौक़् = taste, delight, pleasure.
शिकस्तः = broken; defeated, routed; weak, infirm.
बा-हाल्-ए शिकस्तः = in a broken state.
सर्-ए मंज़िल् = beginning of journey.
बला = trial, affliction, calamity, evil.
रॆह्बर् = guide, conductor.
फ़र्ज़ानः = learned, wise; excellent, noble, honourable.
वले (contr. of व-लेकिन्) = but, yet, however, for all that.
झुठा ही सही , प्यार् जताने के लिए आ
(क़ित्ऽ)
तू मुझ्से ख़फ़ा कब् है ? यॆः सब् कल् की हैँ बातेँ
ऐसी कोई उम्मीद् दिलाने के लिए आ
कब् रिश्तः-ए उम्मीद् हुआ बाऽइस्-ए तस्कीन्
फिर् भी कोई उम्मीद् दिलाने के लिए आ
क्या चीज़् है यॆः ज़ौक़्-ए महब्बत् मैँ बता दूँ
दिल् अप्ना मेरे दिल् से मिलाने के लिए आ
लौटा हूँ तेरी बज़्म् से बा-हाल्-ए शिकस्तः
बस् नाम् को ज़िन्दः हूँ , मिटाने के लिए आ
याँ किस् को ख़बर् थीँ सर्-ए मंज़िल् की बलाएँ
ऐ रॆह्बर्-ए फ़र्ज़ानः , बचाने के लिए आ
दिल् टूट् ही जाए वले "रौशन्" की यॆः ज़िद् है
''आ ! फ़िर् से मुझे छोड़् के जाने के लिए आ'' *
[*] जनाब् ऎह्मद् फ़राज़् साहिब् की ग़ज़ल् "रंजिश् ही सही , दिल् ही दुखाने के लिए आ" की नज़्र्
रिश्तः = thread; connection; relation; affinity.
बाऽइस् = occasion, cause, motive; subject; means (of).
तस्कीन् = calming; consolation, comfort, peace (of mind).
ज़ौक़् = taste, delight, pleasure.
शिकस्तः = broken; defeated, routed; weak, infirm.
बा-हाल्-ए शिकस्तः = in a broken state.
सर्-ए मंज़िल् = beginning of journey.
बला = trial, affliction, calamity, evil.
रॆह्बर् = guide, conductor.
फ़र्ज़ानः = learned, wise; excellent, noble, honourable.
वले (contr. of व-लेकिन्) = but, yet, however, for all that.
Subscribe to:
Posts (Atom)