यूँ भी थे गर्दिश्-ए अय्याम् के मारे हुए लोग्
ख़ाक् मेँ और भी रौँदे गए हारे हुए लोग्
सर्-गराँ भी हुए हैँ "सुब्ह् की तारीकी" मेँ
शब् , ब-नूर्-ए मय्-ए ना-याब् , गुज़ारे हुए लोग् *
रस्म्-ए दुन्या है यही और् यही दुन्या-दारी
हम् तुम्हारे न हुए थे कि हमारे हुए लोग्
आग् मेँ जल्के उन्हेँ ख़ाक् ही बन्ना होगा
फिर् के आते नहीँ पर्-लोक् सिधारे हुए लोग्
कौन् हैँ मह्रम्-ए इस्रार्-ए ख़्व़ुदी दह्र् मेँ , जुज़्
अप्नी तद्बीर् से तक़्दीर् सँवारे हुए लोग्
कम् ही मिल्ते हैँ मगर् ज़ह्न्-निशीँ रह्ते हैँ
दिल् की राहोँ से रग्-ए जाँ मेँ उतारे हुए लोग्
छोड़् दो अब् सर्-ए बाज़ार् यॆः तज़्लील् उस्की
कुछ् तो "रौशन्" के तरफ़्दार् भी , बारे , हुए लोग्
* "सुब्ह् की तारीकी" का इस्तॆऽआरः, बल्किः वॊः पूरा शॆऽर्, डौ. ऽअली मीनाई की ग़ज़ल् "सो गए थक्के ग़म्-ए ज़ीस्त् के मारे हुए लोग्" के एक् शॆऽर् से निस्बत् रख्ता है.
गर्दिश्-ए अय्याम् = vicissitudes of time.
ख़ाक् = dust, earth; ashes; nothing whatever.
रौँद्ना = to tread down; to crush.
सर्-गराँ = head heavy with hangover; proud.
तारीकी = darkness.
शब् = night.
ब-नूर्-ए मय्-ए ना-याब् = with the illumination of rare wine.
रस्म् = custom, practice.
दुन्या-दारी = worldly affairs.
पर्-लोक् सिधार्-ना = to depart this world for the next.
मह्रम्-ए इस्रार्-ए ख़्व़ुदी = confidante of the mysteries of the self.
दह्र् = time; world.
जुज़् = other than.
तद्बीर् = forethought; plan; skill.
तक़्दीर् = divine decree; fate.
सँवार्-ना = to construct; to adorn; to rectify, improve.
ज़ह्न्-निशीँ = fixed/impressed in the mind.
रग् = artery, fibre.
सर्-ए बाज़ार् = in the public square.
तज़्लील् = humiliation.
तरफ़्दार् = partisan; follower.
बारे = once, all at once; at last.
Sunday, 15 November 2009
Sunday, 8 November 2009
ग़ज़ल् ४१
पर्वर्दिगार् ! कुव्वत्-ए काफ़िर् तो देख्ना
होता है रोज़् याँ बुत्-ए ग़ाफ़िल् से साम्ना
बंदा-नवाज़् ! यॆः तॆरा कैसा नवाज़्ना
सॆह्रा है तू मगर् नहीँ "मज्नूँ" से आश्ना
साक़ी , तू माप्-कर् मय्-ए पुर्-तुन्द् उबाल्ना
हम् सर्-ख़्व़ुदोँ का कौन् है ? तू ही सँभाल्ना
"रौशन्" , तू फ़ार्सी मेँ ज़ियादः न बोल्ना
उत्कृष्ट हो जो तू कहे उर्दू मेँ भावना
सागर् मेँ बूँद् , अग्नि मेँ घी , और् हवा मेँ बू !
होता है हर् पतंग् किसी शम्ऽ मेँ फ़ना
अफ़्शाँ लहू-ए ऽआशिक़्-ए बिस्मिल् है हर् तरफ़्
होता है यूँ मिझ़ः से , क़साई की , साम्ना
कैसी ऽअजब् है वस्ल् की तृष्णा , कि आज् भी
आँखेँ बिछाए राह् मेँ राधा है , मोहना
आज़ाद् रूह् है , उसे आज़ाद् रॆह्ने दो !
दीवार् मेँ "अनार्कली" को न गाढ़्ना
पाएगा जिस् को ढूँढ् रहा है तू दर्-ब-दर्
इक् बार् अप्नी रूह् के अंदर् भी झाँक्ना
आया था कब् जहान् मेँ "रौशन्" किसी के संग्
जाएगा छोड़् कर् भी अकेला ही , देख्ना
पर्वर्दिगार् = nourisher, protector; met. address to God.
कुव्वत् = strength, power.
काफ़िर् = infidel; met. lover / beloved.
बुत् = idol; beloved.
ग़ाफ़िल् = neglectful; careless.
बंदा-नवाज़् = cherisher of servant; met. address to God.
नवाज़्-ना = to caress, to soothe.
सॆह्रा = desert; met. a land full of possibilities.
आश्ना = acquainted.
साक़ी = cup-bearer; met. God.
मय् = wine.
तुन्द् = sharp, acrid; fierce.
सर्-ख़्व़ुद् = independent.
उत्कृष्ट = superior; exalted.
पतंग् = moth.
शम्ऽ = candle.
अफ़्शाँ = scattering; pouring out.
बिस्मिल् = slaughtered, sacrificed.
मिझ़ः = eyelash.
क़साई = butcher.
वस्ल् = union (with beloved).
तृष्णा = desire; thirst.
दर्-ब-दर् = door to door.
रूह् = soul.
होता है रोज़् याँ बुत्-ए ग़ाफ़िल् से साम्ना
बंदा-नवाज़् ! यॆः तॆरा कैसा नवाज़्ना
सॆह्रा है तू मगर् नहीँ "मज्नूँ" से आश्ना
साक़ी , तू माप्-कर् मय्-ए पुर्-तुन्द् उबाल्ना
हम् सर्-ख़्व़ुदोँ का कौन् है ? तू ही सँभाल्ना
"रौशन्" , तू फ़ार्सी मेँ ज़ियादः न बोल्ना
उत्कृष्ट हो जो तू कहे उर्दू मेँ भावना
सागर् मेँ बूँद् , अग्नि मेँ घी , और् हवा मेँ बू !
होता है हर् पतंग् किसी शम्ऽ मेँ फ़ना
अफ़्शाँ लहू-ए ऽआशिक़्-ए बिस्मिल् है हर् तरफ़्
होता है यूँ मिझ़ः से , क़साई की , साम्ना
कैसी ऽअजब् है वस्ल् की तृष्णा , कि आज् भी
आँखेँ बिछाए राह् मेँ राधा है , मोहना
आज़ाद् रूह् है , उसे आज़ाद् रॆह्ने दो !
दीवार् मेँ "अनार्कली" को न गाढ़्ना
पाएगा जिस् को ढूँढ् रहा है तू दर्-ब-दर्
इक् बार् अप्नी रूह् के अंदर् भी झाँक्ना
आया था कब् जहान् मेँ "रौशन्" किसी के संग्
जाएगा छोड़् कर् भी अकेला ही , देख्ना
पर्वर्दिगार् = nourisher, protector; met. address to God.
कुव्वत् = strength, power.
काफ़िर् = infidel; met. lover / beloved.
बुत् = idol; beloved.
ग़ाफ़िल् = neglectful; careless.
बंदा-नवाज़् = cherisher of servant; met. address to God.
नवाज़्-ना = to caress, to soothe.
सॆह्रा = desert; met. a land full of possibilities.
आश्ना = acquainted.
साक़ी = cup-bearer; met. God.
मय् = wine.
तुन्द् = sharp, acrid; fierce.
सर्-ख़्व़ुद् = independent.
उत्कृष्ट = superior; exalted.
पतंग् = moth.
शम्ऽ = candle.
अफ़्शाँ = scattering; pouring out.
बिस्मिल् = slaughtered, sacrificed.
मिझ़ः = eyelash.
क़साई = butcher.
वस्ल् = union (with beloved).
तृष्णा = desire; thirst.
दर्-ब-दर् = door to door.
रूह् = soul.
Sunday, 9 August 2009
बंदिश् ४० (नज़्र्-ए "फ़ेस्बुक्")
बिछ्ड़े हुए हबीबोँ की होती है जब् मुलाक़ात्
तुफ़ान् लेके आता है यादोँ की कोई सौग़ात्
मुद्दत् हुई थी , भूले थे यारोँ की शक्ल् तक् हम्
यादोँ की डोर् थी टूटी , बाक़ी थे कुछ् ख़यालात्
हम् वॊः नहीँ जो बैठेँगे हाथोँ पॆ हाथ् धर्-कर्
मौक़ऽ मिला तो कर् देँगे हम् इक् नई शुरूऽआत्
हल् "फ़ेस्बुक्" के द्वारा ही होगा हमारा मस्लः
इस् वास्ते कि हैँ उस्मेँ कुछ् आधुनिक् करामात्
बस्ते हैँ गो-कि दुन्या मेँ सब् दूर् दूर् , लेकिन्
होते हैँ "फ़ेस्बुक्" से अब् मिल्ने के इत्तिफ़ाक़ात्
जम्-घट् है दोस्तो अप्ना , यॆः "फ़ेस्बुक्" की मह्फ़िल्
होता है फिर् जहाँ चर्चा , छिड़्ती है फिर् जहाँ बात्
हर् इक् वतन् मेँ होता है मश्हूर् सब् का अह्वाल्
कश्मीर् हो कि केरळ् हो , बंगाल् हो कि गुज्रात्
सोते हुए कहाँ हम्को पड़्ता है चैन् , यऽनी
होते ही सुब्ह् पढ़्ते हैँ यारोँ की हम् हिकायात्
ऐसा भी हम् से होता है दम् भर् न हम् हैँ रुक्ते
कोई ख़याल् आते ही लिख् देँ तुरंत् , अर्थात्
अव्वल् लिखा हो जो , उस्को सम्झो न हर्फ़्-ए आख़िर् !
"स्ट़ैट़स्" बदल्ते रॆह्ते हैँ "औफ़िस्" से ता-ख़राबात्
उम्मीद् हम् को है "रोशन्" इस् अंजुमन् मेँ अप्ने
वा-पस् जुड़ेँगे रिश्ते और् उभ्रेँगे फिर् से जज़्बात्
हबीब् = beloved; friend.
मुलाक़ात् = meeting; conversation.
तूफ़ान् = typhoon; deluge.
सौग़ात् = rich present; curiosity.
मुद्दत् = duration.
शक्ल् = likeness, resemblance; form.
ख़यालात् = thoughts.
मौक़ऽ = fit place; situation; occasion.
शुरूऽआत् = beginnings.
हल् = solution.
मस्लः = problem.
इस् वास्ते कि = because, for the reason that.
आधुनिक् = of the present moment.
करामात् = miracles.
गो-कि = even if; although.
इत्तिफ़ाक़ात् = events, occurrences.
जम्-घट् = crowd.
मह्फ़िल् = assembly, congregation.
चर्चा = discussion; discourse; gossip.
वतन् = country, abode, dwelling.
मश्हूर् = well-known, famous, notorious; public.
अह्वाल् = condition; state of affairs.
चैन् = comfort, peace.
हिकायात् = tales, stories.
ख़याल् = thought, idea.
तुरंत् = quickly.
अर्थात् = in fact; that is to say.
अव्वल् = first.
हर्फ़्-ए आख़िर् = the last letter/word.
"औफ़िस्" से ता-ख़राबात् = from (the) office to (the) tavern.
उम्मीद् = hope, expectation; trust.
अंजुमन् = assembly; banquet.
वा-पस् = again.
रिश्तः = thread; connection, relationship; affinity.
जज़्बात् = passions.
तुफ़ान् लेके आता है यादोँ की कोई सौग़ात्
मुद्दत् हुई थी , भूले थे यारोँ की शक्ल् तक् हम्
यादोँ की डोर् थी टूटी , बाक़ी थे कुछ् ख़यालात्
हम् वॊः नहीँ जो बैठेँगे हाथोँ पॆ हाथ् धर्-कर्
मौक़ऽ मिला तो कर् देँगे हम् इक् नई शुरूऽआत्
हल् "फ़ेस्बुक्" के द्वारा ही होगा हमारा मस्लः
इस् वास्ते कि हैँ उस्मेँ कुछ् आधुनिक् करामात्
बस्ते हैँ गो-कि दुन्या मेँ सब् दूर् दूर् , लेकिन्
होते हैँ "फ़ेस्बुक्" से अब् मिल्ने के इत्तिफ़ाक़ात्
जम्-घट् है दोस्तो अप्ना , यॆः "फ़ेस्बुक्" की मह्फ़िल्
होता है फिर् जहाँ चर्चा , छिड़्ती है फिर् जहाँ बात्
हर् इक् वतन् मेँ होता है मश्हूर् सब् का अह्वाल्
कश्मीर् हो कि केरळ् हो , बंगाल् हो कि गुज्रात्
सोते हुए कहाँ हम्को पड़्ता है चैन् , यऽनी
होते ही सुब्ह् पढ़्ते हैँ यारोँ की हम् हिकायात्
ऐसा भी हम् से होता है दम् भर् न हम् हैँ रुक्ते
कोई ख़याल् आते ही लिख् देँ तुरंत् , अर्थात्
अव्वल् लिखा हो जो , उस्को सम्झो न हर्फ़्-ए आख़िर् !
"स्ट़ैट़स्" बदल्ते रॆह्ते हैँ "औफ़िस्" से ता-ख़राबात्
उम्मीद् हम् को है "रोशन्" इस् अंजुमन् मेँ अप्ने
वा-पस् जुड़ेँगे रिश्ते और् उभ्रेँगे फिर् से जज़्बात्
हबीब् = beloved; friend.
मुलाक़ात् = meeting; conversation.
तूफ़ान् = typhoon; deluge.
सौग़ात् = rich present; curiosity.
मुद्दत् = duration.
शक्ल् = likeness, resemblance; form.
ख़यालात् = thoughts.
मौक़ऽ = fit place; situation; occasion.
शुरूऽआत् = beginnings.
हल् = solution.
मस्लः = problem.
इस् वास्ते कि = because, for the reason that.
आधुनिक् = of the present moment.
करामात् = miracles.
गो-कि = even if; although.
इत्तिफ़ाक़ात् = events, occurrences.
जम्-घट् = crowd.
मह्फ़िल् = assembly, congregation.
चर्चा = discussion; discourse; gossip.
वतन् = country, abode, dwelling.
मश्हूर् = well-known, famous, notorious; public.
अह्वाल् = condition; state of affairs.
चैन् = comfort, peace.
हिकायात् = tales, stories.
ख़याल् = thought, idea.
तुरंत् = quickly.
अर्थात् = in fact; that is to say.
अव्वल् = first.
हर्फ़्-ए आख़िर् = the last letter/word.
"औफ़िस्" से ता-ख़राबात् = from (the) office to (the) tavern.
उम्मीद् = hope, expectation; trust.
अंजुमन् = assembly; banquet.
वा-पस् = again.
रिश्तः = thread; connection, relationship; affinity.
जज़्बात् = passions.
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