Sunday, 6 May 2012

ग़ज़ल् ५१

यक़ीँ की आड़् मेँ जिन्‌को गुमाँ नहीँ मिल्‌ता
उन्ही को दह्‌र् मेँ तेरा निशाँ नहीँ मिल्‌ता

तुझी को , बल्‌बुल्-ए दिल् ! , गुल्‌स्ताँ नहीँ मिल्‌ता
नहीँ तो किस् को इधर् आशियाँ नहीँ मिल्‌ता

हर् आद्‌मी की यही दास्तान् ठह्‌री है :
किः वॊह् सफ़र् मेँ है और् कार्‌वाँ नहीँ मिल्‌ता

वॊः तू , किः शह्‌र्-ए महब्बत् का साकिन्-ए मश्हूर्
यॆः मैँ , किः जिस्‌को तेरा आस्ताँ नहीँ मिल्‌ता

बहुत् सरल् सी यॆः , "रौशन्" , तेरी कहानी है :
जहाँ को ढूँढ् रहा है जहाँ नहीँ मिल्‌ता !



यक़ीँ (contr. of यक़ीन्) = certainty; faith.
आड़् = concealment; obstruction; restraint.
गुमाँ (contr. of गुमान्) = doubt, suspicion.
दह्‌र् = time; eternity; the world.
निशाँ (contr. of निशान्) = sign; mark; proof; trace.
बुल्‌बुल् = (in Persia) nightingale; (in India) fork-tailed shrike.
दिल् = heart; mind; spirit.
गुल्‌स्ताँ (contr. of गुल्‌स्तान्) = rose-garden; flower-garden.
आशियाँ (contr. of आशियानः) = nest (of a bird).

आद्‌मी = human being; person.
दास्तान् = story; history; fame.
सफ़र् = journey; campaign.
कार्‌वाँ (contr. of कार्‌वान्)= caravan, company of travellers.
शह्‌र् = city, town.
महब्बत् = love; friendship.
साकिन् = inhabitant, resident.
मश्हूर् = well-known, famous; manifest.
आस्ताँ (contr. of आस्तान्) = threshold; door, entrance; abode.
सरल् = straight; sincere, simple.
जहाँ (contr. of जहान्) = the world.
जहाँ = (adv.) wherever, in the place which.



Tuesday, 28 February 2012

नज़्म् ५० (आगे गए दोस्तोँ की याद् मेँ)

गॆह्री नीँद् मेँ सोने वालो , कौन्‌से ख़्व़ाब् सजाते हो ?
इस् दुन्या मेँ आँखेँ मूँदे किस् दुन्या मेँ जाते हो ?

गॆह्री नीँद् मेँ सोने वालो , क्या तुम् यॆः भी जान्‌ते हो
पल्‌कोँ के पर्‌दोँ के पीछे क्या क्या सप्ने देख्‌ते हो ?

गॆह्री नीँद् मेँ सोने वालो , क्या मीठे हैँ वॊः सप्ने
जिन् सप्नोँ की धुन् मैँ तुम्‌ने यार् भुलाए सब् अप्ने ?

गॆह्री नीँद् मेँ सोने वालो , दुन्या को मत् बिस्राना
जाग्‌ने वाले जब् भी जगाएँ इस् माया मेँ लौट् आना

गॆह्री नीँद् मेँ सोने वालो , इस् से सुकूँ हम् पाएँगे :
बिछ्‌ड़े हैँ हम् इस् पल् लेकिन् इक् दिन् फिर् मिल् जाएँगे ...



ख़्व़ाब् = dream, vision.
मूँद्‌ना = to close; to cover; to imprison.
धुन् = agitation; longing, passion.
बिस्राना = to forget.
माया = illusion; deception; delusion; a mirage.
सुकूँ = quiet, rest, peace; cessation.



Sunday, 27 November 2011

ग़ज़ल् ४९ (नज़्र्-ए "दीप्ति")

अब् तो "रौशन्" की हर् ख़्व़ुशी है तू
यऽनी सम्‌झो किः ज़िन्दगी है तू

बाग़्-ए "मैसूर्" की कली है तू
"मन्-सरोवर्" की जल्-परी है तू

किसी इन्साँ को जो नसीब् नहीँ
अप्सराओँ मेँ उर्वशी है तू

पॆह्ले ग़ाफ़िल् था मैँ हक़ीक़त् से
आज् आँखोँ की रौश्‌नी है तू

सारे हिन्दूस्ताँ को है मऽलूम्
किः मैँ ऽआशिक़् हूँ , ऽआशिक़ी है तू

यॆः ग़जल् तेरी नज़्र् है जानाँ
अब् से "रौशन्" की शाऽइरी है तू



मैसूर् (Mysore) = a town in Karnataka, India.
मन्-सरोवर् (Mansarovar) = a fresh water lake in Tibet which has significance in Indic religions.
जल्-परी = water fairy.
अप्सरा = celestial nymph.

उर्वशी = the most beautiful अप्सरा.
ग़ाफ़िल् = unmindful; senseless, unconscious.
ग़ाफ़िल् होना (-से) = to be forgetful, or thoughtless (of).
हक़ीक़त् = truth, reality; state, condition.
रौश्‌नी = light, splendour; illumination; brightness or clearness (of vision), sight (of the eye).
नज़्र् = an offering, dedication; a gift.